1. हर ख़रीद उसी दिन दर्ज करें
आपका स्टॉक उतना ही सही है जितनी आपकी ख़रीद की एंट्री। माल आते ही सप्लायर, आइटम, मात्रा, दर और GST दर्ज करें और सप्लायर के बिल से मिलाएँ। इससे यह भी पता रहता है कि किस सप्लायर का कितना देना है।
2. हर बिक्री से स्टॉक अपने आप घटे
अगर बिल कागज़ पर बनता है और स्टॉक अलग गिना जाता है, तो दोनों कभी मेल नहीं खाएँगे। जब बिलिंग और स्टॉक जुड़े हों, तो हर बिल से स्टॉक अपने आप घटता है और आप किसी भी समय देख सकते हैं कि कितना माल बचा है।
3. हर आइटम का न्यूनतम स्टॉक तय करें
हर आइटम की वह सबसे कम मात्रा तय करें जिस पर आप निश्चिंत रहें, यह देखकर कि वह कितनी तेज़ी से बिकता है और सप्लायर कितने दिन में माल देता है। जब स्टॉक उस स्तर पर पहुँचे, तो ऑर्डर करने का समय है।
टिप: आसान नियम: न्यूनतम स्टॉक = रोज़ की औसत बिक्री × सप्लायर को माल देने में लगने वाले दिन, ऊपर से सुरक्षा के लिए कुछ दिन और।
4. तेज़ और धीमे बिकने वाले आइटम पहचानें
- तेज़ बिकने वाले: वे 20% आइटम जिनसे ज़्यादातर बिक्री होती है। इन्हें कभी ख़त्म न होने दें।
- धीमे बिकने वाले: जो आइटम हफ़्तों से नहीं बिके। इन्हें कम ख़रीदें, कॉम्बो या छूट में दें और इनमें फँसा पैसा निकालें।
- हर हफ़्ते सेल्स रिपोर्ट देखें ताकि पता रहे कौन-सा आइटम किस श्रेणी में है।
5. पुराना माल पहले बेचें
पुराना माल आगे और नया माल पीछे रखें (फ़र्स्ट इन, फ़र्स्ट आउट)। खाने-पीने, कॉस्मेटिक और दवाइयों की एक्सपायरी हर महीने जाँचें और एक्सपायरी के क़रीब वाले आइटम पहले निकालें।
6. तेज़ और सही बिलिंग के लिए बारकोड लगाएँ
आइटम का नाम और दाम हाथ से टाइप करना धीमा है और गलतियाँ होती हैं। प्रोडक्ट पर बारकोड लेबल प्रिंट करें और काउंटर पर स्कैन करें: हर बार सही आइटम, सही दाम और सही स्टॉक।
7. नियमित रूप से स्टॉक गिनें
हर कुछ महीनों में पूरा स्टॉक गिनें, और हर हफ़्ते मुख्य आइटम जल्दी से गिन लें। जब शेल्फ़ की गिनती सिस्टम से मेल न खाए, तो कारण खोजें: बिलिंग की गलती, टूट-फूट, दर्ज न हुई वापसी या चोरी।
8. सप्लायर का बकाया और भुगतान संभालें
उधार पर माल लेना आम बात है, पर भूला हुआ बकाया सप्लायर से रिश्ते बिगाड़ता है। हर सप्लायर की ख़रीद और भुगतान एक जगह रखें ताकि हमेशा पता रहे कितना देना है और कब।
VyapaarMatrix से सब एक ऐप में
VyapaarMatrix इन्वेंटरी और बिलिंग बिलिंग, स्टॉक और ख़रीद को जोड़ता है, ताकि ये आदतें अपने आप हों:
- हर बिक्री और ख़रीद के साथ अपडेट होने वाला लाइव स्टॉक, हर प्रोडक्ट के लिए न्यूनतम स्टॉक स्तर।
- बारकोड लेबल प्रिंटिंग और काउंटर पर बारकोड स्कैनिंग।
- ख़रीद, सप्लायर बकाया और सेल्स रिपोर्ट एक जगह।
- मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर पर चलता है, ताकि कहीं से भी स्टॉक देख सकें।
लोग जो पूछते हैं
ज़्यादा बिकने वाले आइटम हर हफ़्ते जाँचें और हर 3 से 6 महीने में पूरा स्टॉक गिनें। बिलिंग सॉफ्टवेयर से आप बिना गिने कभी भी स्टॉक देख सकते हैं।
हर आइटम का न्यूनतम स्टॉक स्तर तय करें और स्टॉक वहाँ पहुँचते ही ऑर्डर करें।
हाँ। आज के बिलिंग ऐप मोबाइल या साधारण कंप्यूटर पर चलते हैं और छोटी दुकानों के लिए भी आसान हैं।